इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण परियोजनाओं में सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी) का इस्तेमाल

इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण परियोजनाओं में सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी) का इस्तेमाल

देश में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की रफ्तार बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार बड़े पैमाने पर आइटी एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर रही है। इनकी मदद से 900 राजमार्ग परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है। ये छह लाख करोड़ रुपये की हैं। शुक्रवार को सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने देश में परिवहन और लॉजिस्टिक्स (संचालन एवं माल व्यवस्था) सुविधाओं को सुधारने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी) के इस्तेमाल को बढ़ाने की वकालत की।

केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि एप्लिकेशन के जरिये परियोजनाओं की प्रगति देखी जा सकती है। निगरानी बढ़ाकर कार्यकुशलता में सुधार किया जा सकता है। जब राजग सरकार ने सत्ता संभाली थी, उस वक्त 3.8 लाख करोड़ रुपये की 403 परियोजनाएं लंबित थीं। सरकार इनमें से यादातर को शुरू कर चुकी है। 21 परियोजनाओं से कुछ समस्याएं जुड़ी हैं। लेकिन इन्हें जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। ये परियोजनाएं 30 हजार करोड़ रुपये की हैं।

गडकरी ने बताया कि कुछ बेहद नायाब कदम उठाए गए हैं। मसलन सीमेंट और स्टील की उपलब्धता के लिए एक पोर्टल शुरू किया गया है। इसके चलते इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्टों के लिए किफायती दरों पर 250 लाख टन सीमेंट की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। ऐसे ही देशभर में 380 प्लाजा पर ई-टोलिंग से कीमती समय और धन की बचत होगी। इस संबंध में आइआइएम कोलकाता का अध्ययन कहता है कि टोल प्लाजा में देरी से सालाना 60 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published.