उत्तराखंड में वनाग्नि : अभूतपूर्व पर्यावरणीय क्षति

msid-52081713,width-400,resizemode-4,fireउत्तरांखड के जंगलों में आग रविवार को भी बेकाबू रही। इसरो ने सेटेलाइट के आधार पर बताया है कि 24 घंटे के दौरान आग करीब तीन गुना यादा फैल गई है। वनाग्नि पर पानी का छिड़काव करने के लिए वायु सेना के दो एमआइ-17 हेलीकॉप्टरों ने कई उड़ानें भरीं। धुएं के कारण दृश्यता कम होने से पौड़ी में हेलीकॉप्टर की उड़ान कुछ घंटे बाधित रही।

प्रमुख वन संरक्षक और नोडल अधिकारी बीपी गुप्ता ने बताया है कि 3000 लीटर क्षमता वाले हेलीकॉप्टर ने भीमताल झील से पानी भर कई बार नैनीताल के अलमाखान, किलबरी और नलेना क्षेत्र में छिड़काव किया। रानीखेत में आग पर काबू के लिए सेना की मदद ली गई। उत्तरकाशी जिले में जंगल की आग 30 गांवों के पास जा पहुंची, जिसे बुझाने के प्रयास जारी हैं। देहरादून में ढकरानी पावर हाउस तक भी आग पहुंच गई थी, लेकिन समय रहते काबू पा लिया गया।

पौड़ी में स्क्वाड्रन लीडर एसके यादव की अगुआई में वायुसेना के पांच अधिकारियों व छह टेक्निकल स्टाफ ने सुबह सात बजे श्रीनगर स्थित जीवीके हेलीपैड से अभियान शुरू किया, लेकिन धुएं व धुंध के चलते इसे रोकना पड़ा।

सात घंटे बाद दृश्यता बढ़ने पर हेलीकॉप्टर ने दोपहर करीब ढाई बजे पहली उड़ान भरी और आसपास के जंगलों में पानी का छिड़काव कर आग बुझाई। पौड़ी के डीएम चंद्रशेखर भट्ट ने बताया कि वायु सेना के हेलीकॉप्टर ने कोटेश्वर बांध से पानी भरकर सात उड़ानें भरीं। आग पर काबू के लिए तीन कंपनी एनडीआरएफ, एक कंपनी एसडीआरएफ, पीआरडी और होमगार्ड के जवान भी दिनभर जूझते रहे।

केंद्र ने की हालात की समीक्षा

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को दिल्ली में हालात की समीक्षा की। उत्तराखंड के मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से विचार-विमर्श भी किया। साथ ही केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया। केंद्र के उठाए कदमों की कांग्रेसी आलोचना पर पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा-‘उत्तराखंड के वनों में आग को केंद्र सरकार बेहद गंभीरता से ले रही है। आग पर काबू के लिए छह हजार लोगों को तैनात किया गया है। एक दिन पहले ही इस मद में राय के लिए पांच करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।’ केंद्र की आलोचना करते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा-शांत प्रदेश को राजनीतिक संकट में झोंकने वाली मोदी सरकार पर्यावरणीय इस आपदा पर काबू पाने में बुरी तरह नाकाम रही है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रायपाल से उत्तराखंड को वनाग्नि आपदा प्रभावित राय घोषित करने की मांग की है।

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