नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंटरेंस टेस्ट (नीट) 1 में शामिल छात्र नीट-2 में नहीं होंगे शामिल : सुप्रीम कोर्ट

145443777012neet-1462186067सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि जो छात्र एमबीबीएस और बीडीएस में प्रवेश के लिए गत एक मई को कराई गई एकल परीक्षा नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंटरेंस टेस्ट (नीट) 1 में शामिल हो चुके हैं, उन्हें 24 जुलाई को होने वाली नीट 2 परीक्षा में शामिल होने की इजाजत नहीं होगी। इसके अलावा निजी मेडिकल कॉलेज या डीम्ड विश्वविद्यालय सिर्फ नीट के जरिये प्रवेश लेंगी, उन्हें अपनी अलग प्रवेश परीक्षा कराने की इजाजत नहीं होगी। राज्यों के कानून के तहत राज्य सरकारों द्वारा कराई जा रही प्रवेश परीक्षाओं के मुद्दे पर कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा।

ये आदेश न्यायमूर्ति एआर दवे की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को नीट परीक्षा के अलावा रायों और निजी कॉलेजों के अलग से परीक्षा कराए जाने के मुद्दे पर सुनवाई के बाद जारी किए। पीठ ने केंद्र सरकार के अनुरोध पर मामले की सुनवाई सोमवार तक टालते हुए साफ किया कि किसी भी निजी मेडिकल कॉलेज अथवा डीम्ड विश्वविद्यालय या निजी मेडिकल कॉलेज की एसोसिएशनों को एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अलग से परीक्षा कराने की इजाजत नहीं होगी।

कोर्ट ने यह भी कहा कि जिन छात्रों ने एक मई को हुई नीट 1 परीक्षा में भाग लिया था, उन्हें दोबारा नीट 2 परीक्षा में शामिल होने की इजाजत नहीं होगी। लेकिन जिन्होंने नीट 1 में भाग नहीं लिया था, वे नीट 2 में शामिल हो सकते हैं। इससे पहले एमसीआई के वकील विकास सिंह ने कोर्ट को सुझाव देते हुए कहा था कि नीट 1 में शामिल हो चुके सभी छात्रों को दोबारा नीट 2 में शामिल होने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। सिर्फ उन छात्रों को ही नीट 2 में शामिल होने की अनुमति दी जाए जिन्होंने नीट 1 के लिए आवेदन किया था लेकिन किसी कारणवश वे परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे। सीबीएसई की वकील पिंकी आनंद ने भी एमसीआइ के इस सुझाव का समर्थन किया। पिंकी ने कहा कि ऐसे करीब 40 हजार छात्र हैं जिन्होंने नीट 1 में आवेदन किया था लेकिन परीक्षा में नहीं शामिल हुए थे।

एमसीआइ ने यह भी सुझाव दिया कि रायों को उनके कानून के मुताबिक इस वर्ष प्रवेश परीक्षा कराने की इजाजत दे दी जाए। ऐसे रायों को इस वर्ष के लिए नीट से छूट दी जा सकती है हालांकि राय सिर्फ सरकारी कॉलेज के लिए प्रवेश परीक्षा कराएंगे। लेकिन दूसरी तरफ केन्द्र सरकार की ओर से पेश सालिसीटर जनरल रंजीत कुमार ने कहा कि इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए उन्हें थोड़ा समय दिया जाए। उनका कहना था कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और वह राज्यों के साथ इस पर शनिवार और रविवार को बैठक करके हल निकालना चाहती है। कोर्ट ने उनके अनुरोध पर रायों के मुद्दे पर सुनवाई सोमवार तक के लिए टाल दी।

Leave a Comment

Your email address will not be published.