प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बेल्जियम, अमेरिका और सउदी अरब के तीन देशों की यात्रा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बेल्जियम, अमेरिका और सउदी अरब के तीन देशों की यात्रा समाप्त करने के बाद 4 अप्रैल 2016 को नई दिल्ली लौट आए. 30 मार्च से 3 अप्रैल 2016 तक चले अपने पांच दिवसीय दौरे के दौरान मोदी ने कई नेताओं से मुलाकात की और दो अलग– अलग शिखर सम्मेलनों में हिस्सा लिया. ये शिखर सम्मेलन थे– ब्रसेल्स में आयोजित भारत– यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन औऱ वाशिंगटन डीसी में 4 परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी : बेल्जियम यात्रा

107884-pm-modiपिछले सप्ताह ब्रसेल्स में हुए आतंकी हमलों को देखते हुए ऐसा तय माना जा रहा है कि इस सम्मेलन और द्विपक्षीय वार्ता दोनों में ही आतंकवाद का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्मार्ट सिटीज’ जैसे प्रमुख क्षेत्रों में यूरोपीय संघ के साथ भारत की साझेदारी को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। ब्रसेल्स में 13वां भारत-यूरोपीय संघ सम्मेलन चार साल के अंतर के बाद आयोजित किया जा रहा है। पिछला सम्मेलन वर्ष 2012 में नयी दिल्ली में आयोजित किया गया था और समझौते कई प्रमुख मुद्दों को लेकर गतिरोध में अटके रहे थे।

  1. प्रधानमंत्री मोदी ने नैनीताल में स्थापित एशिया के सबसे बड़े टेलिस्कोप का ब्रसेल्स से रिमोट कंट्रोल के जरिये उद्घाटन किया। यह टेलिस्कोप भारत-बेल्जियम सहयोग से बना है।
  2. इससे पहले पीएम ने बेल्जियम के प्रमुख सीईओ के साथ बैठक की और भारत को व्यापार के बेहतरीन गंतव्य के तौर पर पेश किया।
  3. वहीं बुधवार दोपहर को प्रधानमंत्री मैलबीक मेट्रो स्टेशन पर भी पुष्पांजलि अर्पित करने गए, जहां पिछले मंगलवार को एक फिदायीन हमलावर ने ट्रेन में ही खुद को उड़ा लिया था। इसी हमले में इन्फोसिस के कर्मचारी राघवेंद्रन गणेशन की मौत हो गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राघवेंद्रन गणेश के बारे में कहा था, “आशाओं तथा आकांक्षाओं से भरपूर एक युवा जीवन मतिहीन हिंसा का शिकार बना दिया गया…”
  4. बेल्जियम के लिए रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बयान में कहा, ‘बेल्जियम के लोगों के जज़्बे को सलाम करने के लिए कोई भी शब्द पर्याप्त नहीं… ब्रसेल्स में हुए भयावह हमले को देखते हुए हम कंधे से कंधा मिलाकर उनके साथ खड़े हैं, और उनका दुःख बांटना चाहते हैं, जिन्होंने अपने करीबी इस हमले में खो दिए…’
  5. 22 मार्च को बेल्जियम के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तथा मैलबीक मेट्रो स्टेशन पर हुए बम विस्फोटों में कम से कम 32 लोग मारे गए थे, और 300 से ज़्यादा घायल हो गए थे।
  6. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दरअसल ब्रसेल्स में 13वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आए हैं, जिसमें मुक्त व्यापार समझौते पर विचार-विमर्श किया जाएगा। पिछला शिखर सम्मेलन वर्ष 2012 में आयोजित हुआ था।
  7. अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘भारत के दूसरे सबसे बड़े व्यापारिक साझीदार’ बेल्जियम तथा यूरोपीय यूनियन के साथ भारत के संबंधों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस शिखर सम्मेलन की बदौलत ‘बहुत-से क्षेत्रों में परस्पर बहुआयामी साझेदारी स्थापित करने में मदद मिलेगी’, तथा उन्होंने 28-सदस्यीय संगठन को महत्वपूर्ण व्यापारिक साझीदार भी बताया।

बेल्जियम यात्रा से सम्बंधित मुख्य तथ्य  

• बेल्जियम की अपनी पहली यात्रा में मोदी का ब्रसेल्स के ईगमॉन्ट पैलेस में औपचारिक स्वागत किया गया. ब्रसेल्स यूरोपीय संघ और नाटो का मुख्यालय है.
• उन्होंने 13वें भारतीय–यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में भाग लिया और बेल्जियम के प्रधानमंत्री चार्ल्स माइकल के साथ बैठक की.
• बेल्जियम से उन्होंने एशिया के सबसे बड़े आम उद्देश्य वाले ऑप्टिकल दूरबीन– जिसे नैनिताल से 60 किलोमीटर दूर– देवस्थल में स्थापित किया गया है, को ‘रिमोट टेक्निकल एक्टिवेशन’ के माध्यम से चालू किया.
• दौरे के दौरान दोनों देशों ने एक संयुक्त वक्तव्य और एजेंडा जारी किया. यह यूरोपीय संघ– भारत सहयोग के लिए रोडमैप की तरह काम करेगा और इसे एक्शन 2020 कहा जाएगा.
• भारत– यूरोपीय संघ जल साझेदारी पर संयुक्त घोषणा को पर्यावरण संबंधित मुद्दों में सहयोग बढ़ाने के लिए अपनाया गया. इसमें ‘स्वच्छ भारत’ और ‘स्वच्छ गंगा’ फ्लैगशिप कार्यक्रम भी शामिल है.
यूरोपीय संघ– भारत रणनीतिक भागीदारी 2004 में शुरु की गई थी. पिछला शिखर सम्मेलन 2012 में नई दिल्ली में आयोजित किया गया था.

संयुक्त राज्य अमेरिका के दौरे से सम्बंधित तथ्य

• तीन देशों के अपने दौरे के दूसरे चरण में मोदी अमेरिका पहुंचे जहां उन्होंने वाशिंगटन डीसी में चौथे परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया. शिखर सम्मेलन में परमाणु सुरक्षा से संबंधित कई मुद्दों पर फोकस किया गया.
• इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में परमाणु उपकरणों एवं प्रौद्योगिकियों की सुरक्षा और परमाणु आतंकवाद के खतरे को कम करने की दिशा में कई देशों ने द्वारा प्राप्त की गईं उपलब्धियों और प्रतिबद्धताओं पर प्रकाश डाला गया.
• उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के परमाणु सुरक्षा कोष में 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर के योगदान की भी घोषणा की.
• भारत और अमेरिका ने भारत में लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रैविटेशनल– वेव ऑब्जरवेट्री (LIGO) की स्थापना के लिए एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किया.

प्रधानमन्त्री मोदी : सऊदी अरब की यात्रा

narendra-modiसमझौतों की सूची

• सामान्य श्रेणी के श्रमिकों की भर्ती के लिए श्रम मंत्रालय, सऊदी अरब और विदेश मंत्रालय, भारत के बीच श्रम सहयोग पर समझौता.
• हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद पर्यटन (ईपीसीएच), भारत और पर्यटन और राष्ट्रीय विरासत के लिए सऊदी आयोग के बीच हस्तशिल्प के क्षेत्र में सहयोग के लिए कार्यकारी कार्यक्रम.
• भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) और सऊदी मानक, मैट्रोलोजी और गुणवत्ता संगठन (एसएएसओ) के बीच तकनीकी सहयोग कार्यक्रम.

भारत और सऊदी अरब ने 3 अप्रैल 2016 को 5 क्षेत्रो में सहयोग के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इन क्षेत्रों में श्रम, निवेश व हैंडिक्रॉफ्ट जैसे सेक्टर शामिल है.
यह समझौता भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सऊदी अरब के सुल्तान सलमान अब्दुल अजीज की उपस्थति में सऊदी अरब की राजधानी रियाध में हुआ.
इन समझौतों पर हस्ताक्षर प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की सऊदी अरब की दो-दिवसीय यात्रा (2 अप्रैल – 3 अप्रैल 2016) के दौरान हुआ.
सऊदी अरब की यात्रा नरेन्द्र मोदी के तीन देशो की यात्रा क्रमशः बेल्जियम, संयुक्त राज्य अमेरिका और सऊदी अरब का हिस्सा था. यह यात्रा 30 मार्च 2016 से शुरू हुई और 3 अप्रैल 2016 को संपन्न हुई.

टिपण्णी

पिछले सात महीने में मोदी की खाडी क्षेत्र की यह दूसरी यात्रा है. यह क्षेत्र भारत के लिए सामरिक महत्व का है जहां देश के 80 लाख लोग रहते हैं और यह भारत की उर्जा सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है.
उर्जा संसाधनों से सम्पन्न सऊदी अरब भारत का सबसे बडा कच्चे तेल का आपूर्तिकर्ता है और कुल आयात के 20 प्रतिशत जरुरतों को पूरा करता है. सऊदी अरब का उर्जा क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग बढने के साथ दोनों देशों के रिश्ते पिछले दो दशकों में लगातार बढते रहे हैं.

सऊदी अरब दौरे की मुख्य बातें

• रियाद में औपचारिक स्वागत समारोह में प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.
• भारत और सऊदी अरब ने पांच समझौतों और समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए.
• अपने दौरे के दौरान मोदी ने सऊदी के राजा सलमान बिन अबदुलअजीज अल सउद के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने केरल के त्रिशूर जिले में स्थित सोने का पानी चढ़ा चेरामन जुमा मस्जिद की प्रतिकृति भेंट की. मान्यता के अनुसार इस मस्जिद का निर्माण 629 ईस्वी के आसपास अरबों ने करवाया था और यह अरबों द्वारा भारत में बनवाया गया पहला मस्जिद था.
• उन्होंने देश के अन्य नेताओं से भी मुलाकात की. साथ ही रक्षा, बीमा, रेलवे और तेल जैसे भारत के मुख्य क्षेत्र में निवेश करने के लिए सऊदी अरब के व्यापार दिग्गजों को आमंत्रित किया.
• सऊदी अरब के दौरे के दौरान उन्होंने रियाद में सऊदी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में व्यापार जगत के नेताओं से भी बातचीत की.  
• रियाद में वे टीसीएस ऑल वुमेन आईटी सेंटर (यहां सिर्फ महिलाएं काम करती हैं) और मसमक फोरट्रेस भी गए.

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