भारतीय एवं विश्व इतिहास में 25 अप्रैल की प्रमुख घटनायें

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25 अप्रैल (वार्ता) भारतीय एवं विश्व इतिहास में 25 अप्रैल की प्रमुख घटनायें इस प्रकार हैं-

1678 – फ्रांसीसी सेना ने वाइप्रेस शहर पर कब्जा कर लिया।
1867 – जापान की राजधानी टोक्यो में विदेशी व्यापार की अनुमति दी गई।
1905 – दक्षिण अफ्रीका में श्वेतों को मताधिकार मिला।
1925 – पॉल वाेन हिंडनबर्ग जर्मनी के राष्ट्रपति चुने गये।
1954 – बेल लैब्स ने न्यूयार्क में पहली बार सोलर बैटरी बनाने की घोषणा की।
1957 – सोडियम परमाणु रिएक्टर पहली बार प्रायोगिक तौर पर संचालित किया गया।
1975 – तत्कालीन सोवियत रूस ने भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।
1981 – जापान के सुरूगा में एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र में मरम्मत कार्य के दौरान 100 से अधिक मजदूर परमाणु विकिरण का शिकार हो गये।
1982 – दिल्ली में टेलीविजन पर पहली बार रंगीन प्रसारण की शुरुआत हुई।
2005 – जापान के अमागासाकी में एक रेल दुर्घटना में 107 लोग मारे गये।
2013 – ब्रिटेन ने सोमालिया में अपना दूतावास 22 वर्षाेंं के अंतराल के बाद पुन: खोला।
एजाज आजाद वार्ता

1999-वेस्टइंडीज के आल राउंडर खिलाड़ी कार्ल हूपर द्वारा अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की ।
2004-जिम्बाव्वे में श्रीलंका के खिलाफ एक दिवसीय मैचों में न्यूनतम 35रनों का रिकार्ड बनाया ।
2008-बालीबुड के प्रसिद्ध कलाकार व निर्देशक आमीर खान को सिनेमा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए मास्टर दीनानाथ मंगेशकर स्मृति प्रतिष्ठान का विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया ।
2010- भारतीय नौसेना ने पुराने हो चुके चेतक हेलिकाप्टरों की जगह नए लाइट यूटिलिटी हेलीकाप्टर खरीदने की प्रक्रिया शुरू की ।

जन्म तिथि
1904- चन्द्रबली पाण्डेय साहित्यकार

पुण्य तिथि
1968- बड़े गुलाम अली खाँ शास्त्रीय गायक
2000- पंडित मुखराम शर्मा  भारतीय हिंदी फिल्मों के के सुप्रसिद्धकथा ,पटकथा और कहानी लेखक
2005- स्वामी रंगनाथनंदा  भारतीय संत

महत्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव
मलेरिया दिवस

25 अप्रैल का दिन और भारतीय टेली विज़न का रंगीन प्रसारण 

25 अप्रैल का दिन भारत सहित देश और दुनिया के इतिहास में इन प्रमुख घटनाएं के लिए जाना जाता है| 25 अप्रैल 1982 दिल्ली में टेलीविजन पर पहली बार रंगीन प्रसारण की शुरुआत हुई।

1982 में एशियाड खेलों के दौरान भारत में रंगीन प्रसारण की शुरुआत हुई । इसी समय  I N S A T – 1A उपग्रह प्रक्षेपित किया गया जिसके कारण भारत में रंगीन प्रसारण संभव हो पाया . 1984 के आम चुनावो में दूरदर्शन द्वारा पहली बार देशव्यापी चुनाव विश्लेषण कार्यक्रम शुरू किया गया .

1984 में ही D D मेट्रो चैनल की शुरुआत हुई थी . 1984 के दोरान ही भारत का पहला डेली टी .वी सीरियल ‘हमलोग’ प्रसारित हुआ .यह सीरियल बहुत लोक प्रिय हुआ . इसके बाद ‘ये जो है जिन्दगी ‘,’खानदान ‘,इधर उधर , जैसे लोकप्रिय टी .वी सीरियल प्रसारित होने लगे . वैसे भारत का पहला टी वी सीरियल ‘तीसरा रास्ता’ था जिसे प्रयोगिक तौर पर 1962 में प्रसारित किया गया था . 1990 में दूरदर्शन पर दोपहर का समाचार बुलेटिन शुरू हुआ .

1980 और 1990 के दशक में दूरदर्शन ने राष्ट्रीय कार्यक्रम और समाचारों के प्रसारण के ज़रिये हिंदी को जनप्रिय बनाने में काफी योगदान किया। वर्ष 1990 के दशक में मनोरंजन और समाचार के निज़ी उपग्रह चैनलों के पदार्पण के उपरांत यह प्रक्रिया और तेज हो गई। रेडियो की तरह टेलीविज़न ने भी मनोरंजन कार्यक्रमों में फ़िल्मों का भरपूर उपयोग किया और फ़ीचर फ़िल्मों, वृत्तचित्रों तथा फ़िल्मों गीतों के प्रसारण से हिंदी भाषा को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के सिलसिले को आगे बढ़ाया।

टेलीविज़न पर प्रसारित धारावाहिक ने दर्शकों में अपना विशेष स्थान बना लिया। सामाजिक, पौराणिक, ऐतिहासिक, पारिवारिक तथा धार्मिक विषयों को लेकर बनाए गए हिंदी धारावाहिक घर-घर में देखे जाने लगे। रामायण, महाभारत हमलोग, भारत एक खोज जैसे धारावाहिक न केवल हिंदी प्रसार के वाहक बने बल्कि राष्ट्रीय एकता के सूत्र बन गए। देखते-ही-देखते टीवी कार्यक्रमों के जुड़े लोग फ़िल्मी सितारों की तरह चर्चित और विख्यात हो गए। समूचे देश में टेलीविज़न कार्यक्रमों की लोकप्रियता की बदौलत देश के अहिंदी भाषी लोग हिंदी समझने और बोलने लगे।

दूरदर्शन भारत का सरकारी दूरदर्शन प्रणाल (चैनल) है। यह भारत सरकार द्वारा नामित पर्षद्प्रसार भारती के अंतर्गत चलाया जाता है। दूरदर्शन के प्रसारण की शुरूआत भारत में दिल्लीसितंबर, 1959 को हुई। प्रसार-कक्ष तथा प्रेषित्रो की आधारभूत सेवाओं के लिहाज़ से यह विश्व का दूसरा सबसे विशाल प्रसारक है। हाल ही मे इसने अंकीय पार्थिव प्रेषित्रो (डिजिटल स्थलचर संचारी (Digital Terrestrial Transmitters)) सेवा शुरु की। दूरदर्शन के राष्‍ट्रीय नेटवर्क में 64 दूरदर्शन केन्‍द्र / निर्माण केन्‍द्र, 24 क्षेत्रीय समाचार एकक, 126 दूरदर्शन रखरखाव केन्द्र, 202 उच्‍च शक्ति ट्रांसमीटर, 828 लो पावर ट्रांसमीटर, 351 अल्‍पशक्ति ट्रांसमीटर, 18 ट्रांसपोंडर, 30 चैनल तथा डीटीएच सेवा भी शामिल है।

दूरदर्शन की शुरुआत अत्यंत विनीत तरीके से, एक परीक्षण के तौर पर दिल्ली में 1959 में हुई थी। नियमित दैनिक प्रसारण की शुरुआत 1965 में आल इंडिया रेडियों के एक अंग के रूप में हुई थी। 1972 में सेवा मुम्बई (तत्कालीन बंबई) व अमृतसर तक विस्तारित की गई। 1975तक यह सुविधा 7 शहरों मे शुरु हो गयी थी। राष्ट्रीय प्रसारण 1982, जिस वर्ष रंगीन दूरदर्शन का जन-जन से परिचय हुआ था, शुरु हुआ था।

दूरदर्शन का प्रसारण वैसे तो दिल्ली में सन् 1959 में ही हो गया था, लेकिन इसका नियमित रूप से प्रसारण सन् 1965 में हुआ। उस समय यह ऑल इंडिया रेडियो का ही अंग था। जिसके बाद धीरे-धीरे इसका विस्तार होना प्रारम्भ हुआ और यह मुम्बई तथा अमृतसर तक विस्तरित होने लग गया। इसका और तेजी से विस्तार करने के लिए हर दिन एक ट्रांसमीटर का प्रयोग किया जाने लगा, जिसके कारण आज दूरदर्शन की पहुंच कई शहरों तक हो चुकी है तथा कई लोग इसके माध्यम से अपना मनोरंजन कर रहे हैं।

दूरदर्शन पर मालगुडी डेज नाम के एक कार्यक्रम की शुरूआत हुई। इसके अलावा चित्रहार, व्योमकेश बक्शी, भारत एक खोज, अलिफ लैला, रामायण, विक्रम बैताल, महाभारत जैसे कई अन्य कार्यक्रम भी दिखाए जाने लगे। इतना ही नहीं कुछ समय बाद तो दूरदर्शन की तरफ लोगों का ध्यान खीचने के लिए इस पर फिल्में भी दिखाई जाने लगी। आज भले ही देश में कई सारे चैनलों की शुरूआत हो गई हो, लेकिन उन सभी को रंगीन रूप देने की शुरुआत दूरदर्शन से ही की गई।

 

One Comment

  1. Akshara Gautam
    Apr 26, 2016 at 6:57 am

    Great Sir aapke article Bahaut aache hote hai

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