योजनाएं भाग 2 – “प्रधानमन्त्री जन धन योजना “

jan-dhan-yojna-inner-newयोजना का विवरण

pmjdylogoप्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन है जो वहनीय तरीके से वित्तीय सेवाओं नामतः, बैंकिंग/बचत तथा जमा खाते, विप्रेषण, ऋण, बीमा, पेंशन तक पहुंच सुनिश्चित करता हो।

खाता किसी भी बैंक शाखा अथवा व्यवसाय प्रतिनिधि (बैंक मित्र) आउटलेट में खोला जा सकता है। पीएमजेडीवाई खातों जीरो बैलेंस के साथ खोला जा रहा है। हालांकि, खाता धारक अगर किताब की जांच करना चाहती है, वह / वह न्यूनतम बैलेंस मानदंडों को पूरा करना होगा।

लक्ष्य

पीएमजेडीवाई के अंतर्गत 6 स्तंभों के अंतर्गत व्यापक वित्तीय समावेशन का लक्ष्य रखा गया है

प्रथम चरण (15 अगस्त 2014 से 14 अगस्त 2015)

  • बैंकिंग सुविधाओं तक सबकी पहुंच सुनिश्चित करना।
  • 6 महीने बाद रुपये 5000 की ओवरड्राफ्ट सुविधा के साथ बुनियादी बैंक खाते और एक लाख रुपये के अंतर्निहित दुर्घटना बीमा कवर के साथ रुपया डेबिट कार्ड और रुपया किसान कार्ड सुविधा प्रदान करना।
  • वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम

द्वितीय चरण (15 अगस्त 2015 से 15 अगस्त 2018)

  • ओवर ड्राफ्ट खातों में चूक कवर करने के लिए क्रेडिट गारंटी फंड की स्थापना।
  • सूक्ष्म बीमा
  • स्वावलम्बन जैसी असंगठित क्षेत्र बीमा योजना।

इसके अतिरिक्त इस चरण में पर्वतीय, जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को शामिल किया जाएगा। इतना ही नहीं, इस चरण में परिवार के शेष व्यस्क सदस्यों और विद्यार्थियों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

कार्ययोजना

  • औसतन 3-4 गांवों के 1000-1500 परिवारों वाले देश के सभी ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों को सब-सर्विस एरिया (एसएसए) में शामिल करने का प्रस्ताव है। इसमें पूर्वोत्तर/पर्वतीय राज्यों को छूट दी जाएगी।
  • यह प्रस्ताव है कि अगले 3 वर्षों में प्रत्येक केंद्र की व्यवहार्यता को देखते हुए 2000 से अधिक आबादी वाले 74000 गांवों को स्वावलम्बन अभियान के अंतर्गत व्यापार प्रतिनिधियों द्वारा कवर किया जाएगा और ऐसे केंद्रों को पूर्ण शाखाओं के रूप में परिवर्तित करने पर विचार किया जाएगा जहां 1+1 / 1+2 कर्मचारी काम कर रहे हों।
  • समूचे देश में सभी 6 लाख गांवों को सर्विस एरिया के साथ जोड़ा जाएगा, जिनमें प्रत्येक बैंक सब-सर्विस एरिया वाले 1000 से 1500 परिवारों की जरूरतें एक निश्चित बैंकिंग बिंदु से करेगा। यह प्रस्ताव है कि सब-सर्विस क्षेत्रों को बैंकिंग केंद्रों अर्थात् शाखा बैंकिंग और शाखा रहित बैंकिंग के जरिए कवर किया जाएगा। शाखा बैंकिंग का अर्थ है, ईंट गारे से बना परंपरागत शाखाएं। शाखा रहित बैंकिंग के अंतर्गत एक नियत बिंदु व्यापार प्रतिनिधि एजेंट की सेवाएं शामिल हैं जो बुनियादी बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए बैंक के प्रतिनिधि के रूप में काम करेगा।
  • योजना की कार्यान्वयन नीति यह है कि वर्तमान बैंकिंग ढांचे का उपयोग किया जाए और सभी परिवारों को कवर करने के लिए उसका विस्तार भी किया जाए। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में अब तक कवर न हुए परिवारों के बैंक खाते खोलने के लिए मौजूदा बैंकिंग नेटवर्क को भलीभांति तैयार किया जाएगा। विस्तार कार्य के अंतर्गत 50000 अतिरिक्त व्यापार प्रतिनिधियों की व्यवस्था, 7000 से अधिक शाखाओं और 20000 से अधिक नए एटीएम भी पहले चरण के दौरान स्थापित करने का प्रस्ताव है।
  • यह देखा गया था कि सुप्त खातों पर बैंकों की लागत अधिक आती है और लाभार्थियों को कोई लाभ नहीं होता। इस तरह बड़ी संख्या में खोले गए खातों के सुप्त पड़े रहने के पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए व्यापक योजना अनिवार्य है।
  • अतः नए कार्यक्रम में सभी सरकारी लाभों (केंद्र/राज्य/स्थानीय निकाय) को बैंकों के जरिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के तहत लाने का प्रस्ताव है। इसके अंतर्गत एलपीजी योजना में डीबीटी फिर शामिल की जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रायोजित महात्मा गांधी नरेगा कार्यक्रम को भी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना में शामिल किए जाने की संभावना है।
  • योजना के कार्यान्वयन में विभाग की सहायता के लिए एक परियोजना प्रबंधन परामर्शदाता/समूह की सेवाएं ली जाएंगी।
  • यह भी प्रस्ताव है कि कार्यक्रम को दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर और प्रत्येक राज्य की राजधानी तथा सभी जिला मुख्यालयों में एक साथ शुरू किया जाए।
  • कार्यक्रम की प्रगति की रिपोर्टिंग/निगरानी के लिए एक वेब पोर्टल भी स्थापित किया जाएगा। विभिन्न पक्षों जैसे केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के विभागों, रिजर्व बैंक, नाबार्ड, एनपीसीआई और अन्य की भूमिकाओं को परिभाषित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों के व्यापार प्रतिनिधियों के रूप में ग्राम दल सेवकों की नियुक्ति का प्रस्ताव है।
  • दूर संचार विभाग से अनुरोध किया गया है कि वह कनेक्टिविटी कम होने या न होने की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने सूचित किया है कि 2011 की जनगणना के अनुसार देश के 5.93 लाख गांवों में से करीब 50000 दूर संचार सम्पर्क के अंतर्गत कवर नहीं किए गए हैं।

निष्पादन

28 अगस्त 2014 को योजना के उद्घाटन के दिन भारत भर में समस्त बैंकों द्वारा एक साथ लगभग 60,000 शिविर लगाए गए।परिणामस्वरूप, योजना के पहले दिन ही 1.5 करोड़ बैंक खाते खोले गए। प्रधानमंत्री ने इस अभूतपूर्व अवसर को भारत के लिए “वित्तीय स्वतंत्रता दिवस” बताया। 2 अक्तूबर 2014 तक पीएमजेडीवाई में 5.29 करोड़ खाते खोले गए, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों के 3.12 करोड़ और शहरी क्षेत्र के 2.17 करोड़ खाते शामिल हैं। 1.78 करोड़ खातों में रुपे कार्ड जारी किया गया। केन्द्र शासित प्रदेश पुदुचेरी और चंडीगढ़ तथा गुजरात के मेहसाणा और पोरबंदर जिलों में बैंकिंग सुविधाओं के प्रावधान के साथ समस्त परिवारों को पीएमजेडीवाई में शामिल किया गया।

प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत खाता खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • यदि आधार कार्ड/आधार संख्या उपलब्ध है तो कोई अन्य दस्तावेज आवश्यक नहीं है। यदि पता बदल गया है तो वर्तमान पते का स्वप्रमाणन पर्याप्त है।
  • यदि आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है तो निम्नलिखित सरकारी रूप से वैध दस्तावेजों (ओवीडी) में से किसी एक की आवश्यकता होगीः मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाईसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट तथा नरेगा कार्ड। यदि इन दस्तावेजों में आपका पता भी मौजूद है तो ये “पहचान तथा पते का प्रमाण” दोनों का कार्य कर सकता है।
  • यदि किसी व्यक्ति के पास उपर्युक्ता वर्णित “वैद्य सरकारी कागजात” नहीं हैं, लेकिन इसे बैंक द्वारा ‘कम जोखिम’ की श्रेणी में वर्गीकृत किया जाता है तो वह निम्नंलिखित में से कोई एक कागजात जमा करके बैंक खाता खुलवा सकता/सकती है:
  • केंद्र/राज्य सरकार के विभाग, सांविधिक/विनियामकीय प्राधिकारियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों और लोक वित्तीरय संस्थािनों द्वारा जारी आवेदक के फोटो वाले पहचान पत्र;
  • उक्त् व्यहक्ति के विधिवत सत्यातपित फोटोग्राफ के साथ राजपत्रित अधिकारी द्वारा जारी किया गया पत्र।

प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत निम्न सुविधाएँ दी जायेगी जो मूल रूप से गरीबो को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं 

  • जीवन बिमा सुविधा: प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खाता धारकों को 30000 / रुपये की न्यूनतम राशि का जीवन बिमा दिया जाएगा इसके साथ 1 लाख का एक्सीडेंटल बिमा दिया जायेगा |
  • लोन सुविधा : गरीबो को आपत्ति के समय पैसे के लिए साहूकार पर निर्भर होना पड़ता हैं जिस कारण साहूकार उनकी बेबसी का फायदा उठाकर उनसे मनचाहा ब्याज लेते हैं और गरीब उस कर्ज से मुक्त नहीं हो पता | लेकिन प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खाता धारी छह महीने के अंतराल में 5000/ तक की राशि ऋण के तौर पर सीधे बैंक से ले सकता हैं | जिससे गरीबो में आत्म निर्भरता का भाव जागता हैं |
  • जीरो बैलेंस सुविधा : अन्य बचत खाते के लिए खाताधारी को कुछ न्यूनतम राशि बैंक खाते में जमा करना अनिवार्य होता हैं यह राशि खाताधारी की ही होती हैं | पर गरीबो की स्थिती को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खाते बिना किसी राशि के खोले जा रहे हैं जिन्हें जीरों बैलेंस सुविधा कहा जाता हैं |
  • रूपये कार्ड सुविधा : अन्य एटीएम कार्ड के समान ही प्रधानमंत्री जन धन योजना के खाताधारी को रुपये कार्ड की सुविधा दी जा रही हैं यह रूपए कार्ड अन्य एटीएम की तरह ही काम करता हैं | रुपये कार्ड के जरिये खाताधारक किसी भी बैंक के एटीएम मशीन से रुपये निकाल सकते हैं | यह कार्ड एक महीने में चार बार उपयोग किया जा सकता हैं इससे अधिक बार उपयोग करने पर कुछ रुपये देना होगा |
  • मोबाइल सुविधा : अन्य खातो की तरह ही प्रधानमंत्री जन धन योजना के खाते की सभी जानकारी मोबाइल पर मेसेज के जरिये प्राप्त की जा सकती हैं | इसके लिए महंगे एंड्राइड फ़ोन की आवश्यक्ता नहीं हैं यह सुविधा साधारण मोबाइल पर भी उपलब्ध हैं |
  • न्यनूतम आयु : प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खाता 10 वर्ष से अधिक आयु का बालक / बालिका द्वारा भी खोला जा सकता हैं जिसकी देख रेख उनके माता पिता कर सकते हैं |
  • स्माल अकाउंट अथवा छोटा खाता : किसी भी बैंक में खाता खोलने के लिए एक उचित परिचय पत्र अनिवार्य होता हैं लेकिन अगर किसी के पास यह नहीं हैं तो वह प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अपना खाता खोल सकता हैं जिसमे कोई भी गजेटेड ऑफिसर द्वारा सत्यापित प्रमाण पत्र बैंक में जमा करवाकर खाता खोला जा सकता हैं जिसे low risk account की गिनती में रखा जाता हैं और इसे स्माल अकाउंट कहा जाता हैं जिसे एक वर्ष की अवधि तक सुचारू रखा जायेगा इस एक वर्ष में खाताधारी को कोई उचित परिचय पत्र बैंक में जमा करना होगा |
  • खाता टाइप बदलना : अगर किसी का पहले से कोई भी बैंक में खाता हैं तो वह अपने खाते को प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत ट्रान्सफर करवा सकता हैं जिससे वो प्रधानमंत्री जन धन योजना के सारे लाभ उठा सके |

प्रधानमंत्री जन धन योजना में सभी देशवासियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया हैं | करोड़ो की तादात में अकाउंट खोले जा चुके हैं | अब देखना यह हैं कि यह योजना किस तरह देश के विकास में सहयोगी बनती हैं |

One Comment

  1. Zubair Khan
    Apr 27, 2016 at 5:49 pm

    Thanks Sir

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