राष्ट्रपति प्रणब मुख़र्जी की पापुआ न्यूगिनी तथा न्यूजीलैंड की यात्रा

राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी के पापुआ न्यू गिनी की यात्रा 

pranab_1461859411राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी के पापुआ न्यू गिनी तथा न्यूजीलैंड की यात्रा के प्राप्ति भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 2 देशों के अपने छह दिवसीय यात्रा के पहले चरण में 28 अप्रैल को पापुआ न्यू गिनी पहुंची है. किसी भारतीय राष्ट्रपति की इस देश की पहली आधिकारिक यात्रा थी उनके साथ केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्यमंत्री डॉ संजीव कुमार बालियान तथा संसद में विभिन्न राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद भी गए थे. प्रशांत क्षेत्र में सबसे बड़े द्वीप पापुआ न्यू गिनी के दो दिवसीय दौरे पर आए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि भारत इस क्षेत्र में स्वयं को किसी देश के प्रतिस्पर्धी के तौर पर नहीं देखता और पापुआ न्यू गिनी के साथ सुरक्षा सहयोग कायम करने के मामले में किसी के साथ प्रतिस्पर्धा में शामिल नहीं है

भारत के राष्ट्रपति ने कहा कि संचार के सभी समुद्री रास्ते प्रतिद्वंदिता से मुक्त होने चाहिए. प्रशांत द्वीपीय देशों के जल क्षेत्रों एवं अनन्य आर्थिक क्षेत्रों में तस्करी ,अवैध रूप से मछली पकड़ने, मानव तस्करी, नकली दवाओं की तस्करी जैसी गैरकानूनी गतिविधि में वृद्धि हुई है जिससे इन देशों की अर्थव्यवस्था हम राजनीतिक सुरक्षा पर प्रभाव पड़ता है. प्रणब मुख़र्जी ने कहा कि उनका देश पापुआ न्यू गिनी और प्रशांत द्वीपीय देशों के अनन्य आर्थिक क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने और आपदा चेतावनी एवं आपदा कम करने में उनकी मदद करने में सहयोग के लिए तत्पर है.

पूर्व चेतावनी प्रणाली के लिए भारतीय उपग्रहों की ओर से विकसित उपग्रह तस्वीरों को साझा करने और अपनी उपग्रह प्रणाली के इस्तेमाल से हर देश के प्राकृतिक संसाधनों को मापने में मदद के लिए भी भारतीय राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि जयपुर में हुए  फिपिक 2 (फोरम फॉर इंडिया पैसिफिक आईलेंड को -ऑपरेशन ) शिखर सम्मेलन के दौरान भारत ने पापुआ न्यूगिनी सहित प्रशांत द्वीपीय देशों को एक तटीय निगरानी प्रणाली तथा तटरक्षक पोत उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया था

भारत एवं पापुआ न्यू गिनी के बीच 4 समझौतों पर हस्ताक्षर

  • भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और पापुआ न्यू गिनी के स्वास्थ्य HIV-एड्स मंत्रालय के बीच स्वास्थ्य और चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में व्यापक सहयोग को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया
  • दूसरा समझौता पापुआ न्यू गिनी की सरकार और भारत के एक्सपोर्ट इंपोर्ट बैंक के बीच किया गया इसके तहत इस दीपीय देश की बुनियादी संरचना के विकास के लिए 10 लाख डॉलर कर  दिया जाएगा इससे पापुआ न्यू गिनी में उर्जा की सुरक्षा और आधारभूत ढांचे का विकास संभव हो सकेगा दोनों देश प्रशांत क्षेत्र किस देश ने मिलकर तेल और गैस निकालने और उसके सूजन पर सहमत हो गए हैं
  • तीसरा समझौता इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च नई दिल्ली और पीएनजी यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी लाए के बीच कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में किया गया
  • चौथा समझौता भारत और पाक न्यू गिनी की सरकार के बीच इंडिया पापुआ न्यू गिनी सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन आईटी(IT) को लेकर हुआ

इसके अलावा भारत ने क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास में सहायता की प्रतिबद्धता दोहराई. भारत ने पापुआ न्यू गिनी को तटवर्ती इलाकों पर नजर रखने के लिए राडार और तटवर्ती इलाकों की सुरक्षा के लिए गश्ती नौका देने का प्रस्ताव रखा है इससे इस देश की समुद्री सुरक्षा मजबूत हो सकेगी दोनों देशों में विचारों के आदान-प्रदान के लिए विदेश मंत्री स्तर की नियमित वार्ता पर भी सहमति बनी. तेल और गैस निकालने और उनके शोधन में दोनों देशों की सरकारी और निजी कंपनियां शामिल होंगी इसके लिए संयुक्त उपक्रम स्थापित किये जायेंगे भारत उसके लिए निवेश करेगा .

भारतीय पर्यटकों को पापुआ न्यू गिनी जाने पर वीजा ऑन अराइवल की सुविधा मिलेगी और उन्हें वीजा के लिए लंबी प्रक्रिया को नहीं अपनाना पड़ेगा .भारत ने पापुआ न्यू गिनी के एड्स पीड़ित 20000 लोगों के लिए दवाएं और उपकरण उपलब्ध उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया .पने इस दौरे में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी वार मेमोरियल भी गए और वहां द्वितीय विश्वयुद्ध में शहीद में भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की जो ब्रिटिश सेना की ओर से लड़े थे .

भारत के राष्ट्रपति की न्यूजीलैंड यात्रा
1_Crop_SM4_3064दो देशों की यात्रा के दूसरे चरण में राष्ट्रपति न्यूजीलैंड की तीन दिवसीय यात्रा पर गए जहां उन्होंने दोनों देशों के बीच खाद्य प्रसंस्करण शिक्षा और कौशल विकास कृषि डेहरी के साथ-साथ उच्च प्रौद्योगिकी में सहयोग पर चर्चा की

भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीधी उड़ान सेवा के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए इससे पर्यटन व्यापार क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा 2 मई को समाप्त श्री प्रणव मुखर्जी की यात्रा पिछले 20 वर्षों में इस द्विपीय राष्ट्र  की भारत की ओर से पहली उच्चस्तरीय यात्रा थी ,इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी न्यूजीलैंड की यात्रा पर गए थे. न्यूजीलैंड का भारत के साथ वार्षिक व्यापार 1 करोड़ से अधिक का है . 31 मार्च 2016 को समाप्त वर्ष में न्यूजीलैंड के 52 हजार नागरिक भारत की यात्रा पर गए जबकि 70 हजार भारतीय न्यूजीलैंड आय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारतीय मूल के 10 लाख 60 हजार  लोग न्यूजीलैंड में रहते हैं

ऑकलैंड में एक विश्वविद्यालय में व्याख्यान देते हुए भारत के राष्ट्रपति ने कहा कि इस समय दोनों देशों के लिए अपने संबंधों को विस्तार देने का विस्तार देने का है एक शांतिपूर्ण एशिया प्रशांत क्षेत्र में भारत और न्यूजीलैंड के साझा हित है और दोनों देश क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को प्रोत्साहन देने के लिए साझेदार के तौर पर सफलतापूर्वक कार्य कर सकते हैं ,स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया ,डिजिटल इंडिया जैसे महत्व्काक्षी कार्यक्रम उन कई क्षेत्रों में से एक है जो भारत में निवेश के प्रवाह को प्रोत्साहन देने के लिए  नियमों को उदार किया है और जहां भारत विदेशी भागीदारी का स्वागत करता है

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