लोकसभा ने क्षेत्रीय केन्द्र के लिए जैव प्रौद्योगिकी विधेयक, 2016 पारित किया

लोकसभा ने क्षेत्रीय केन्द्र के लिए जैव प्रौद्योगिकी विधेयक, 2016 पारित किया

  • 25 अप्रैल 2016 को लोक सभा ने क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी केंद्र बिल, 2016 को पारित कर दिया। बिल का उद्देश्य हरियाणा में फरीदाबाद स्थित क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण और शिक्षा केंद्र को वैधानिक दर्जा प्रदान करना है।
  • इसके अलावा यह बिल जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बदलते समय की जरूरत के अनुरूप शोध, प्रशिक्षण तथा विकास कार्यों को बढ़ावा भी देगा।

जैव प्रौद्योगिकी केंद्र बिल के प्रमुख तथ्य:

  • जैव प्रौद्योगिकी और संबंधित क्षेत्रों में शिक्षण और अनुसंधान सुविधाओं के माध्यम से ज्ञान का प्रसार करना। जैव प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता का एक केंद्र बनाना। सार्क क्षेत्र और एशिया में प्रौद्योगिकी और ज्ञान के हस्तांतरण की सुविधा उपलब्ध कराना। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग को बढ़ावा देना।
  • जैव प्रौद्योगिकी केंद्र को एक स्टेट ऑफ़ द आर्ट इंस्टिट्यूट और अंतर-विषय शिक्षा, प्रशिक्षण और जैव प्रौद्योगिकी के लिए एक क्षेत्रीय केंद्र के रूप में विकसित करना। क्षेत्रीय केंद्र जैव प्रौद्योगिकी और संबंधित विषयों में परास्नातक और डॉक्टरेट की डिग्री और स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्रदान करेगा।
  • क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी केंद्र के प्रशासन और कामकाज के लिए बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, कार्यक्रम सलाहकार समिति, कार्यकारी समिति और वित्त समिति आदि होंगे।
  • पृष्ठभूमि:
    • भारत ने यूनेस्को के सदस्य देशों को सेवा प्रदान करने के लिए यूनेस्को के साथ 2006 में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसी समझौते के तहत केंद्र सरकार ने एक कार्यकारी आदेश के माध्यम से क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण एवं शिक्षा केंद्र की स्थापना 2009 में फरीदाबाद में किया था।

जैव प्रौद्योगिकी:

  • जैवप्रौद्योगिकी या जैवतकनीकी वो विषय है, जो अभियान्त्रिकी और तकनीकी संबंधी डेटा और तरीकों को जीवों एवं जीवन तन्त्रों से सम्बन्धित अध्ययन और समस्या के समाधान के लिये उपयोग करता है। जिन विश्वविद्यालयों में इनका अलग निकाय नहीं होता, वहां इसे रासायनिक अभियान्त्रिकी, रसायन शास्त्र या जीव विज्ञान निकाय में रख दिया जाता है।
  • भारत में जैव प्रौद्योगिकी ज्ञान आधारित क्षेत्रों में सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र है। इसे शक्तिशाली समर्थकारी प्रौद्योगिकी माना गया है जो कृषि, स्वास्थ्य देखभाल, औद्योगिक प्रक्रियान्वयन और पर्यावरणीय स्थायित्व में क्रांति ला सकता है।

One Comment

  1. rajesh
    May 05, 2016 at 4:24 am

    thank you sir…

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