विश्व व्यापार संगठन के व्यापार सुविधा समझौते को भारत ने स्वीकार किया

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22 अप्रैल 2016 को भारत ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की नई व्यापार सुविधा समझौता (new Trade Facilitation Agreement (TFA)) को अपनाने की पुष्टि कर दी. भारत की डब्ल्यूटीओ राजदूत, अंजली प्रसाद ने डब्ल्यूटीओ के महानिदेशक रॉबर्टो अजावेडो को भारत का स्वीकृति दस्तावेज सौंपा.

TFA को अपनाने की पुष्टि के बाद भारत को व्यापार लागत को कम कर एवं वैश्विक अर्थव्यवस्था में इसके एकीकरण का समर्थन कर अपने आर्थिक विकास में तेजी लाने में मदद मिलेगी.

व्यापार सुविधा समझौता (TFA) के विशेष प्रावधान और सुविधाएं

• समझौते में सामानों की आवाजाही, उनकी निकासी और पारगमन की प्रक्रिया में तेजी का प्रावधान किया गया है. इसमें डब्ल्यूटीओ को 2013 में बाली में हुए मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में जिन वस्तुओं पर सहमति बनी थी, वे वस्तुएं भी शामिल हैं.

• यह सीमा–शुल्क और व्यापार सुविधाओं पर अन्य उचित अधिकारों और सीमा शुल्क अनुपालन मुद्दों के बीच प्रभावी सहयोग के लिए कुछ उपाय भी बताता है.

• इस क्षेत्र में तकनीकी सहायता और क्षमता निर्माण के लिए भी प्रावधान किए गए हैं.

• डब्ल्यूटीओ के सदस्य देशों में से दो– तिहाई सदस्य देशों द्वारा औपचारिक रूप से इस समझौते को अपनाने के बाद यह प्रभावी हो जाएगा. टीएफए को स्वीकार करने वाला भारत डब्ल्यूटीओ का 76वां सदस्य देश है.

• 18 मार्च 2016 को भारत ने श्रेणी ए की अपनी अधिसूचना जमा की. इसमें भारत ने समझौते के लागू होने के बाद वह टीएफए के किन प्रावधानों को लागू करने का इरादा रखता है, के बारे में भी बताया.

भारत के अलावा टीएफए की पुष्टि करने वाले अन्य देश हैं

हॉन्ग कॉन्ग, चीन, सिंगापुर, संयुक्त राज्य अमेरिका, मॉरिशस, मलेशिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, बोस्तवाना, ट्रिनिदाद और टोबैगो, द रिपब्लिक ऑफ कोरिया, निकारागुआ, नाइजर, बेलिजी, स्विट्जरलैंड, चीनी ताइपे, चीन, लिकटेंस्टीन, लाओ पीडीआर, न्यूजीलैंड, टोगो, थाइलैंड, यूरोपीय संघ ( अपने 28 सदस्य देशों की तरफ से), भूतपूर्व युगोस्लाविया, मेसिडोनिया, पाकिस्तान, पनामा, गुएना, कोटे डी आइवर, ग्रेनाडा, सेंट लूसिया, केन्या, म्यांमार, नॉर्वे, वियतनाम, ब्रुनेई, यूक्रेन, जांबिया, लेसोथो, जॉर्जिया, सेशल्स, जमैका, माली, कम्बोडिया और पैराग्वे, तुर्की, ब्राजील, मकाओ चीन, संयुक्त अरब अमीरात औऱ समोआ.

पृष्ठभूमि

  • जिस तरीके से टीएफए लागू किया जाएगा वह विकासशील और कम– विकसित देशों के लिए नई जमीन तैयार करेगा. विश्व व्यापार संगठन के इतिहास में पहली बार, समझौते की लागू करने की आवश्यकता ऐसा करने वाले देश की क्षमता से सीधे– सीधे जुड़ा था. इसके अलावा, समझौता कहता है कि उस क्षमता को प्राप्त करने के लिए मदद करने हेतु उन्हें सहायता और समर्थन  मुहैया कराया जाना चाहिए.
  • विकासशील और कम– विकसित सदस्य देशों के अनुरोध पर एक ट्रेड फैसिलिटेशन एग्रीमेंट फैसिलिटी (TFAF) भी बनाई जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि टीएफए के पूर्ण लाभ उठाने के जरूरी सहायता उन्हें मिल रही है और  सभी सदस्यों द्वारा नए समझौते के पूर्ण कार्यान्वयन के अंतिम लक्ष्य को समर्थन दिया जा रहा है.
  • 26 अक्टूबर 2015 को विश्व व्यापार संगठन की विश्व व्यापार रिपोर्ट (वर्ल्ड ट्रेड रिपोर्ट) के अनुसार विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के व्यापार सुविधा समझौते (TFA) के कार्यान्वयन में वैश्विक व्यापार निर्यात को 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक करने करनी क्षमता है.

India Ratifies WTO Agreement to Boost Global Economic Integration

 Anjali Prasad presents India''s instrument of acceptance ratifying the Trade Facilitation Agreement to WTO's Director General Roberto Azevedo. |IANS
Anjali Prasad presents India”s instrument of acceptance ratifying the Trade Facilitation Agreement to WTO’s Director General Roberto Azevedo.

India has ratified the World Trade Organisation’s (WTO) Trade Facilitation Agreement (TFA), which could further “its integration into the global economy” by boosting trade through efficient movement of goods.

India’s Permanent Representative to the WTO, Anjali Prasad, formally presented the instrument of acceptance ratifying the agreement to WTO Director General Roberto Azevedo on Friday in Geneva.

“India is one of the most dynamic economies in the world today and has become a top recipient of foreign investment,” Azevedo said. “Ratifying the WTO’s Trade Facilitation Agreement will help India further boost economic growth by reducing trade costs and supporting its integration into the global economy.”

India is the 76th WTO member to accept the TFA, which will enter into force once two-thirds of WTO 162 members formally accepted the Agreement.

The TFA was agreed upon at the WTO Ministerial Conference in Bali in 2013. The agreement aims at expediting the movement and clearance of goods, including goods in transit and establishing effective cooperation between customs and other authorities on trade facilitation and customs compliance issues.

The implementation of the TFA has the potential to increase global merchandise exports by up to $1 trillion per year, according to the WTO’s 2015 flagship World Trade Report.

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