Atomic Oxygen is found in the MARS atmosphere ( मंगल ग्रह के वायुमंडल में एटामिक ऑक्सीजन मिली)

Atomic Oxygen is found in the MARS atmosphere

वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह के वायुमंडल में एटामिक ऑक्सीजन मिली है। लाल ग्रह पर 40 वर्ष पहले प्रेक्षण के बाद पहली बार यह खोज हुई है। ये एटम मंगल की ऊपरी सतह पर पाए गए हैं। एटामिक ऑक्सीजन दर्शाता है कि किस तरह अन्य गैस मंगल से विदा हो गईं। इसी से एटामिक ऑक्सीजन का लाल ग्रह के वायुमंडल पर गहरे असर का पता चलता है।

स्ट्रैटोस्फेरिक फॉर इन्फ्रारेड एस्ट्रोनॉमी (एसओएफआइए) उपकरण अनुमानित ऑक्सीजन का केवल आधा भाग ही तलाश पाया है। यह शायद मंगल के वातावरण में परिवर्तनों के कारण हुआ होगा। इन परिवर्तनों का अध्ययन करने के लिए वैज्ञानिक एसओएफआइए का इस्तेमाल जारी रखेंगे। इस अध्ययन से लाल ग्रह के वायुमंडल को अछी तरह समझने में मदद मिलेगी।

एसओएफआइए परियोजना वैज्ञानिक पामेला माकरुम ने कहा, ‘मंगल के वायुमंडल में एटामिक ऑक्सीजन को मापना अत्यंत कठिन है। एटामिक ऑक्सीजन की खोज में सुदूर-इन्फ्रारेड वेवलेंथ का प्रेक्षण करने की जरूरत है। वैज्ञानिकों को अनिवार्य रूप से धरती के वायुमंडल से ऊपर उठना होगा और इस मामले में उचतम संवेदी उपकरणों का इस्तेमाल करना होगा। एसओएफआइए में दोनों ही क्षमता उपलब्ध है।

क्या है एटामिक ऑक्सीजन

ऑक्सीजन जिसे हम प्राण वायु के नाम से भी जानते हैं यह कई रूपों में उपलब्ध है। ऑक्सीजन के जिस रूप पर हमारा जीवन टिका है उसे O2 कहा जाता है। O2 में ऑक्सीजन के दो परमाणु जुड़े होते हैं। O3 को ओजोन कहा जाता है और यह हमारी धरती के वायुमंडल के ऊपरी सतह पर रक्षा छतरी की तरह छाया है। इस तरह ओ ऑक्सीजन का एक एटम है

एटामिक ऑक्सीजन निर्माण प्रक्रिया 

अत्यंत प्रतिक्रियाशील होने के कारण धरती की सतह पर एटामिक ऑक्सीजन यादा समय तक कायम नहीं रह सकता। मगर अंतरिक्ष में जहां बेशुमार अल्ट्रावायलट रेडिएशन होता है वहां एटामिक ऑक्सीजन बनने के लिए O2 के अणु टूट जाते हैं। पृथ्वी की निचली कक्षा के वातावरण में 96 प्रतिशत एटामिक ऑक्सीजन है। मानव स्वास्थ्य के साथ ही प्राचीन कलाकृतियों के संरक्षण आदि में एटामिक ऑक्सीजन प्रयोग में आता है।

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