भारतीय संविधान भाग -23 (भारत का नियंत्रक-महालेखा परीक्षक)

 Comptroller and Auditor General of India – CAG भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (‘कंट्रोलर एण्ड ऑडिटर जनरल’ अर्थात ‘नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक’) को आम तौर पर ‘कैग’ के नाम से जाना जाता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 148 में ‘कैग’ का प्रावधान है, जो केंद्र व राज्य सरकारों के विभागों और उनके द्वारा नियंत्रित […]

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भारतीय संविधान भाग – 22 (संसदीय समितियां)

Parliamentary Committees संसद के कार्यों में विविधता तो है, साथ ही उसके पास काम की अधिकता भी रहती है। चूंकि उसके पास समय बहुत सीमित होता है, इस‍लिए उसके समक्ष प्रस्‍तुत सभी विधायी या अन्‍य मामलों पर गहन विचार नहीं हो सकता है। अत: इसका बहुत-सा कार्य समितियों द्वारा किया जाता है। संसद के दोनों […]

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भारतीय संविधान भाग – 21 (वार्षिक वित्तीय विवरण या वार्षिक बजट)

 Annual Financial Statement or Annual Budget भारतीय बजट : टाइम लाइन भारत में सबसे पहले ब्रिटिश शासनकाल में 1860 में आम बजट प्रस्तुत किया गया था। बजट बनाने और पेश करने का श्रेय फाइनेंस मेंबर जेम्स विल्सन को जाता है जिन्होंने 18 फरवरी 1860 को वाइसराय की परिषद में पहली बार बजट पेश किया था। […]

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भारत का संविधान भाग -20 (हमारी संसद -3)-संसद में विधायी प्रक्रिया तथा धन विधेयक एवं वित्त विधेयक

The Legislative Process In Parliament भारतीय संविधान ने वैधानिक विधि के लिए कुछ व्यवस्थाएं निश्चित की हुई हैं। इन व्यवस्थाओं के अतिरिक्त वैधानिक प्रक्रिया के विषय में विस्तृत विवरण लोकसभा और राज्यसभा के विधि नियमों में अंकित हैं। संवैधानिक व्यवस्थाओं के अनुसार वितीय विधेयक को छोड़कर कोई भी विधेयक संसद के किसी भी सदन में […]

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भारतीय संविधान भाग -19 (हमारी संसद -2)- संसद का गठन

 Constitution of Parliament पृष्ठभूमि सन 1883 के चार्टर अधिनियम में पहली बार एक विधान परिषद के बीज दिखाई पड़े। 1853 के अंतिम चार्टर अधिनियम के द्वारा विधायी पार्षद शब्‍दों का प्रयोग किया गया। यह नयी कौंसिल शिकायतों की जांच करने वाली और उन्‍हें दूर करने का प्रयत्‍न करने वाली सभा जैसा रूप धारण करने लगी। […]

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भारतीय संविधान भाग -18 (हमारी संसद-1)

Parliament प्रारम्भिक सह-मुख्य परीक्षा संसद  : बेअर एक्ट अनुच्छेद  79. संसद का गठन–संघ के लिए एक संसद‌ होगी जो राष्ट्रपति और दो सदनों से मिलकर बनेगी जिनके नाम राज्य सभा और लोकसभा होंगे। अनुच्छेद 80. राज्य सभा की संरचना–(1) 3[4*** राज्य सभा] – (क) राष्ट्रपति द्वारा खंड (3) के उपबंधों के अनुसार नामनिर्देशित किए जाने […]

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भारतीय संविधान भाग -17 (वित्त मंत्रालय)

Ministry of Finance भारत की संघीय सरकार के वित्तीय प्रशासन एवं उससे सम्बन्धित विभिन्न राज्यों के वित्तीय मामलों के निपटारे का पूर्ण दायित्व भारत सरकार के वित्त मंत्रालय पर है। संघीय सरकार के व्यय का नियमन भी इसी मंत्रालय द्वारा किया जाता है, जिसके अंतर्गत राज्यों के साधनों का अंतरण करने सम्बन्धी कार्य भी सम्मिलित […]

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भारतीय संविधान भाग -16 (विदेश मंत्रालय)

Ministry of External Affairs “जवाहरलाल नेहरू भवन गौरवपूर्ण लाल बलुआ पत्थर तथा धौलपुर पत्थर के कारीगरी से निर्मित, भारत के विदेश मंत्रालय का नया आवास है, जिसका निर्मित क्षेत्र 60,000 वर्ग मीटर है और नई दिल्ली के जनपथ तथा मौलाना आजाद चौराहे पर, दक्षिण खण्ड से मात्र कुछ ही दूरी पर, शीघ्र ही निर्मित हो […]

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भारतीय संविधान भाग -15 (गृह मंत्रालय)

 Ministry of Home Affairs भारत सरकार के समस्त मंत्रालयों में गृह मंत्रालयका स्थान सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। प्रोटोकॉल नियमों के अनुसार, मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री के पश्चात् गृह मंत्री का नाम आता है। इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य सम्पूर्ण देश में शांति एवं सुव्यवस्था बनाए रखना है। गृह मंत्रालय द्वारा इतने अधिक एवं महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न […]

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भारतीय संविधान भाग – 14 (भारत का महान्यायवादी / कैबिनेट सचिवालय)

 The Attorney-General for India संघीय सरकार की विधि संबंधी विषयों पर परामर्श देने तथा राष्ट्रपति द्वारा नियोजित कर्तव्यों की पूर्ति के लिए संविधान में महान्यायवादी की व्यवस्था की गई है। महान्यायवादी भारत सरकार का प्रथम विधि अधिकारी होता है। वह भारत सरकार को कानूनी मामलों में सलाह देता है और कानूनी स्वरूप के ऐसे अन्य […]

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