केंद्रीय कैबिनेट ने एनएसएफडीसी की पूंजी हिस्सेदारी बढ़ाने को मंजूरी दी

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केंद्रीय कैबिनेट ने 27 जनवरी 2016 को एनएसएफडीसी की पूंजी हिस्सेदारी बढ़ाने को मंजूरी प्रदान की. इसके तहत केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी) की पूंजी हिस्सेदारी को 1,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,200 करोड़ रुपये करने का निर्णय किया. इसका उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति समुदायों से जुड़ी योजनाओं का बेहतर पोषण करना है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में एनएसएफडीसी के कोष को बढ़ाने की मंजूरी दी गई. आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि ‘इस मंजूरी से आर्थिक गतिविधियों के लिए निर्धारित कोष में इजाफा होगा. इससे दायरा बढ़ेगा और अनुसूचित जाति के गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करने वालों तक पहुंच बढ़ेगी.’ अधिकृत शेयर पूंजी में बढोत्तरी की वजह से आर्थिक तौर पर वंचित अनुसूचित जाति की आबादी के एक बड़े हिस्से तक करवेज बढ़ेगा और ज्यादा लोगों को कोष उपलब्ध कराया जा सकेगा.

उपरोक्त निर्णय के तहत वर्ष 2015-16 के दौरान एनएसएफडीसी ने 63000 लोगों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा है. एनएसएफडीसी 37 राज्य एजेंसियों के माध्यम से 32 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में अपनी योजनाओं को लागू करती है. इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार ने इसमें 1000 करोड़ रुपये की अपनी अधिकृत पूंजी हिस्सेदारी में से 998.13 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है. इसलिए उसके लिए अधिकृत पूंजी हिस्सेदारी को बढ़ाना जरूरी हो गया था.

विदित हो कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी) एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है जो सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत आता है.

एनएसएफडीसी (राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम)

    1. लक्ष्यवचन:
      उद्यमिता द्वारा विषमताओं से संघर्ष

    2. अधिदेश :
      गरीबी रेखा के दुगने से नीचे रहने वाले बेराजगार अ.जा. के व्यक्तियों को स्वरोजगार परियोजना स्थापित करने के लिए रियायती वित्त और कौशल प्रशिक्षण अनुदान उपलब्ध कराना

       

 

  • एनएसएफडीसी (राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम):
    नेशनल शेड्यूलड कास्ट्स फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एनएसएफडीसी) भारत सरकार द्वारा 8 फरवरी, 1989 कोकंपनीअधिनियम 1956 की धाराके अधीन (लाभ निरपेक्षकंपनी) सरकारीकंपनीके रूप में स्थापित की गई है।एनएसएफडीसीसामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अधीन भारत सरकार का निजी उपक्रम है तथा इसका प्रबंधन केन्द्रीय सरकार, राज्य स्तरीय चैनेलाइजिंग अभिकरणों, वित्तीय संस्थानों व अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों के हित में अपनी सेवा प्रदान करने में प्रसिद्ध प्रमुख व्यक्तियों के प्रतिनिधित्व में गठित निदेशक मंडल द्वारा किया जाता है।

  • उद्देश्य:
    एनएसएफडीसीका मुख्य उद्देश्यगरीबी रेखा के दुगुने से कम पर जीवन-यापन करने वाले अनुसूचित जाति परिवारों के व्यक्तियों के कौशल उन्नयन सहित आर्थिक सशक्तिकरण के लिए वित्त पोषित करना है।

 

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