सरकारी तेल विपणन कंपनियों द्वारा कच्‍चे तेल के आयात के संबंध में संशोधित नीति

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में आज केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सरकारी तेल विपणन कंपनियों द्वारा कच्‍चे तेल के आयात पर वर्तमान नीति में बदलाव लाने को मंजूरी दी गयी और तेल विपणन कंपनियों को अपनी नीतियां निरूपित करने का अधिकार प्रदान किया गया। इससे कच्‍चे तेल की खरीद के लिए ज्‍यादा दक्ष, लचीली और गतिशील नीति उपलब्‍ध होगी, जो अंतत: उपभोक्‍ताओं को लाभान्वित करेगी।

कच्‍चे तेल के आयात की वर्तमान नीति को वर्ष 1979 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। वर्ष 2001 में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस नीति में कुछ संशोधनों को मंजूरी दी। वर्तमान नीति ने हालांकि पिछले कुछ वर्षों में सरकारी तेल विपणन कंपनियों की सामूहिक ऊर्जा आवश्‍यकताओं को निरंतर पूरा किया है, लेकिन बदलते समय के साथ इस नीति में बदलाव लाने की आवश्‍यकता है। बदलते भू-राजनीतिक वातावरण में, कच्‍चे तेल के आयात की नीति को वर्तमान आवश्‍यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए उन्‍हें संशोधित किये जाने की जरूरत है। बाजार में दक्षता के साथ प्रतिस्‍पर्धा करने के लिए स्‍थान के आधार पर कच्‍चे तेल की खरीद की वर्तमान बाजार पद्धतियों को पूरी तरह अपनाए जाने की आवश्‍यकता है। वर्तमान नीति में इस संदर्भ में कुछ सीमाएं और नियंत्रण हैं, जो संभावित स्रोतों और खरीद के तौर-तरीकों को सीमित करते हैं।

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 2001 में लिए गए फैसले के बाद, भारत सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में से नवरत्‍न और महारत्‍न कंपनियों को मत्‍वपूर्ण अधिकार सौंपें। इन कंपनियों को प्रचालन, वित्‍तीय एवं निवेश संबंधी विविध मामलों में स्‍वायत्‍ता प्रदान की।

तदनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस बात को मंजूरी दी है कि सरकारी तेल विपणन कंपनियों को सीवीसी दिशा-निर्देशों के अनुरूप कच्‍चे तेल के आयात के लिए अपनी स्‍वयं की नीतियां निरूपित करने और उन्‍हें संबंधित बोर्ड से अनुमोदित कराने का अधिकार होगा। न्‍यूनतम शासन, अधिकतम प्रशासन के सिद्धांत के अनुरूप इस उपाय से तेल कंपनियों के प्रचालन और व्‍यावसायिक लचीलेपन में वृद्धि होगी और वे कच्‍चे तेल के आयात के लिए सबसे ज्‍यादा प्रभावपूर्ण खरीद पद्धतियां अपनाने में सक्षम हो सकेंगी।

One Comment

  1. amit
    Apr 13, 2016 at 2:21 pm

    very nice

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